दिल्ली मे प्रदुषण से बिगड़ते हालत पर नासा की रिपोर्ट मे बताय 2 कारण मे मुख्य

नई दिल्ली .दिल्ली मे प्रदुषण से बिगड़ते हालत पर नासा की रिपोर्ट मे बताय 2 कारण मे मुख्य कारण हैं धान की पराली और इंडस्ट्री ,मोटर    वेहिकल हैं .पर वैज्ञानिकों ने  मुख्य कर धान की पराली को बताय है जिस से प्रदूषण का स्तर  पीएम 2.5  बढ़ जाता है .फसलों के अवशेष जलाए जाने से दिल्ली पर कितना विपरीत असर पड़ता है, इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि आम दिनों में दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 50 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होता है, जबकि नवंबर की शुरुआत में यह 300 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो जाता है।2016 की सर्दियों में यह समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिली थी, जबकि पराली जलाए जाने के चलते पीएम 2.5 का स्तर 550 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गया था। खासतौर पर नवंबर महीने में स्मॉग की समस्या बहुत बढ़ गई थी और 5 नवंबर को तो पीएम 2.5 का स्तर 700 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गया था। हालांकि स्टडी में यह भी कहा गया है कि पराली के अलावा 95 लाख स्थानीय वाहनों, इंडस्ट्रीज और कंस्ट्रक्शन भी एयर पलूशन के लिए जिम्मेदार हैं।

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