कांग्रेस के दो सांसदपहुंचे सुप्रीम कोर्ट नायडू के फेसले के खिलाफ

नईदिल्ली. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के उपार चल सकने वाला महाभियोग शांत होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. अब नया मसला है की कांग्रेस के दो राज्य सभा के सांसद सुप्रीम कोर्ट पहुँच गये हैं. ये वैंकया नायडू के फैसले के खिलाफ किया गया केस है.जस्टिस चेलमेश्वर ने इस मामले में कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण से कहा है कि अगर याचिका का नंबर नहीं आता है तो वह चीफ जस्टिस के पास जा सकते हैं. वकीलों का कहना है कि जब मामला चीफ जस्टिस से जुड़ा हो तो वह उनके पास मामला नहीं ले जा सकते हैं. जस्टिस चेलमेश्वर ने सभी से कल (मंगलवार) इस मामले को लाने को कहा है. ये याचिका अमि याज्ञनिक और प्रताप सिंह बाजवा की ओर से दायर की गई है.

इन पांच आधारों पर लाया गया था महाभियोग

कांग्रेस पार्टी ने महाभियोग प्रस्ताव लाने के पीछे 5 कारण बताए थे. कपिल सिब्बल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि न्यायपालिका और लोकंतत्र की रक्षा के लिए ये जरूरी था.

1. मुख्य न्यायाधीश के पद के अनुरुप आचरण ना होना, प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट में फायदा उठाने का आरोप. इसमें मुख्य न्यायाधीश का नाम आने के बाद सघन जांच की जरूरत.

2. प्रसाद ऐजुकेशन ट्रस्ट का सामना जब CJI के सामने आया तो उन्होंने CJI ने न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को किनारे किया.

3. बैक डेटिंग का आरोप.

4. जमीन का अधिग्रहण करना, फर्जी एफिडेविट लगाना और सुप्रीम कोर्ट जज बनने के बाद 2013 में जमीन को सरेंडर करना.

5. कई संवेदनशील मामलों को चुनिंदा बेंच को देना.

 

Add Comment

Posted Comments