कर्नाटका चुनाव :अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाये जाने पर बोले देवगोड़ा

कर्नाटका . कर्नाटका के होने वाले मुख्यमंत्री के पिता   और जेडीएस के प्रमुख ने कल शाम मिडिया से बात करते हूए कहा की हमने मुख्यमंत्री पद कांग्रेस को ऑफर किया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया.आप को बता दें के कर्नाटका चुनाव के बाद जेडीएस चीफ का कोई भी अधिकारिक बयान नहीं आया था .  कल उन्हों  कहा  - हमारी हार के लिए मीडिया जिम्मेदार है. मीडिया अभी से ही ऐसा दिखा रहा है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी को कोई चुनौती नहीं दे सकता है. आखिर ऐसा क्यों सोचा जा रहा है? इस देश में कई महान नेता हुए? कर्नाटक में सरकार चलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी सीट शेयरिंग या सीएम पोस्ट के रोटेशन के लिए कांग्रेस के साथ कोई बात नहीं हुई है.मेरी उम्र काफी हो गई है. मैं साल 2019 का चुनाव नहीं लड़ना चाहता हूं. वैसे यह मेरी तबीयत पर निर्भर करेगा. हां, यह साफ है कि मैं राजनीति से रिटायर नहीं होने जा रहा हूं. राजनीति में मेरी उम्र सीमा कोई तय नहीं करेगा.  हमने गठबंधन बनाया है. वरिष्ठ होने के नाते मैं कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन को बचाए रखना चाहता हूं. मेरे साथ के नेता पहले ऐसा कर चुके हैं. यह कोई बड़ा मसला नहीं है. मेरी कोशिश रहेगी कि यह गठबंधन पांच साल तक चले. मेरा कोई पर्सनल एजेंडा नहीं है. मैं ऐसी कोई बात नहीं करना चाहता, जिससे यह लगे कि मैं पीएम बनना चाहता हूं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अस्तित्व को बचाए रखने का सवाल नहीं  हैं, बल्कि देश से सांप्रदायिक ताकतों को दूर रखने का सवाल है.  जो कश्मीर में हो रहा है, जो न्यायपालिका में क्या हो रहा है, जिस तरह विधायिका चल रही है और जिस प्रकार कार्यपालिका टूट रही है, ये संविधान के लिए खतरा है. मैं पीएम रहने के दौरान 10 महीने में पांच बार कश्मीर गया, लेकिन आज हालात बदतर हो गए हैं.  हम आज के हालात का पूरा आरोप एक राजनीतिक पार्टी पर नहीं मढ़ सकते हैं. यह कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टियों समेत कई राजनीतिक दलों की विफलता का नतीजा है. हम सभी इसके लिए जिम्मेदार हैं. मैं यह नहीं कहना चाहता हूं कि फला-फला पार्टी इसके लिए जिम्मेदार है. पिछली गलतियों को भूलना होगा और आगे बढ़ना होगा.  कांग्रेस के पास नौ सांसद हैं और हमारे पास दो. 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए सीटों का बंटवारा अभी कोई मुद्दा नहीं है. एकजुट होकर हम नेतृत्व करेंगे. कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टी में भी कई दिग्गज नेता हैं. मनमोहन सिंह ने 10 साल तक सरकार चलाई थी. हालांकि मीडिया में कुछ ही चीजों को उछाला जा रहा है. मैं 13 दलों के गठबंधन की सरकार के दौरान किए गए कामों को गिनाना नहीं चाहता हूं. हमने भी गलतियां कीं, लेकिन किसी और पर आरोप नहीं लगाया. आज के हालात बहुत खराब हैं. गोरक्षा के नाम पर हमले किए जा रहे हैं. तमिनलाडु की राजनीति में पदार्पण करने वाले फिल्म अभिनेताओं  कमल हसन और रजनीकांत को कुमारस्वामी के सीएम पद के शपथ समारोह में बुलाने पर देवगौड़ा ने कहा कि अभी इन दोनों से बात नहीं हुई है और उन्हें बुलाने में कोई हर्ज भी नहीं है. कावेरी विवाद में कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कोई उल्लंघन नहीं कर सकता. विवादों का निपटारा किया जाएगा. हम देखेंगे कि इस मामले में हम फिर से कोर्ट में जाना ठीक है या पड़ोसी राज्य से बात करना. करुणानिधि के बेटे स्टालिन, बालू, शरद पवार, फारूक अब्दुल्ला, ममता बनर्जी समेत सभी लेफ्ट नेताओं को कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है. सभी साथ चलने को तैयार हैं. यह शुरुआत हो सकती है, लेकिन कल का कुछ नहीं कह सकता हूं.

वैसे तो इस गठबंधन से अब तक कोई दिक्कत नई है पर अगर मुख्यमंत्री के पद पर जेडीएस के  कुमारस्वामी है तो कांग्रेस चाहेगी की डिप्टी मुख्यमंत्री के पद पर कांग्रेस का कोई हो पर यहाँ दिक्कत लिंगायत के लोगों ने बढ़ा दी और कहा की डिप्टी मुख्यमंत्री उनके बीच का कोई होंना चाहिय अब देखने वाली बात होगी की कैबिनेट बनने तक और क्या मुश्किल   आती है. वैसे आप    को   बता   दें की  लिंगायत समुदाय के संगठन ऑल इंडिया वीरशैव महासभा के नेता तिप्पाना खुला खत लिखकर कांग्रेस विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग भी कर चुके हैं.

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