नई दिल्ली. गूगल का तोहफा डूडल के रूप मे मजदूर दिवस को .मजदूर दिवस की शुरुआत 19वीं शताब्दी हुई जब ट्रेड यूनियन (मजदूर संघ) और…"/>

गूगल का तोहफा डूडल के रूप मे मजदूर दिवस को

नई दिल्ली. गूगल का तोहफा डूडल के रूप मे मजदूर दिवस को .मजदूर दिवस की शुरुआत 19वीं शताब्दी हुई जब ट्रेड यूनियन (मजदूर संघ) और श्रमिक आंदोलन अमेरिका में तेजी से अपने पांव पसार रहा था। कई देशों की तरह भारत में भी मजदूर दिवस के अवसर पर सार्वजनिक छुट्टी होती है।  वास्तव में साल 1886 में शिकागो में पुलिस के खिलाफ मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए 1 मई को बतौर अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। 4 मई 1886 को शिकागो के हेमार्केट में एक शांतिपूर्ण रैली का आयोजन किया जा रहा था। इस रैली का मकसद उन हड़ताली कामगारों का समर्थन करना था जो चाहते थे कि कामकाज के लिए 8 घंटे तय हों।अपने देश में यह दिवस एक मई 1923 से मनाया जाना शुरू हुआ। उस दिन भारत में पहला अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मद्रास यानी आज के चेनई में मना था। भारतीय मज़दूर किसान पार्टी के नेता सिंगरावेलु चेट्टियार की अगुआई में भारत में इसकी शुरुआत मद्रास दिवस के रूप हुई थी। बाद में आम सहमति से तय हुआ कि इस दिवस को भारत में मजदूर दिवस के रूप में ही मनाया जाए। 

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