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आरोपियों की बात स्वीकार कर सुप्रीम कोर्ट ने कहा सुनवाई जम्मू के बाहर नहीं

नईदिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी मे हूए कठुआ के अल्पसंख्यक समुदाय की 8 साल की बच्ची से  सामूहिक दुष्कर्म के मामले मे एक अहम् फैसला लेते हुए याचिका को जम्मू कश्मीर के बाहर न भेजने के बात कही.पर इस पुरे मामले मे पीडिता के पिता मांग कर रहे हैं सीबीआई जाँच के तथा मामले की सुनुआई कश्मीर के बाहर हो.

माहौल निष्पक्ष सुनवाई के लायक नहीं: पीड़ित पक्ष की वकील
पीड़ित पक्ष की वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा Le, "माहौल निष्पक्ष सुनवाई के लायक नहीं है। माहौल एकतरफा हो गया है। उन्होंने कहा, "पुलिस ने बहुत बढ़ित काम किया है। उन्होंने न सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि इसके वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ित परिवार और उनकी पैरवी कर रही वकील को सुरक्षा मुहैया कराने का भी आदेश दिया है।  बता दें कि जम्मू-कश्मीर के जिला और सत्र न्यायालय में पीड़ित पक्ष की पैरवी वकील दीपिका सिंह राजावत कर रही हैं। उन्होंने अंजान लोगों से धमकी मिलने की बात कही थी। राजावत ने कहा था, ''मुझे उन्होंने (बार एसोसिएशन के वकील) अलग-थलग कर दिया है। कोर्ट में प्रैक्टिस करने तक से रोका जा रहा है। मैं नहीं जानती कि आगे कैसे गुजारा करूंगी। मुस्लिम लड़की के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने पर मुझे हिंदू विरोधी कहकर समाज से निकालने की बातें हो रही हैं।''

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