अन्ना का सत्याग्रह शुरू: 7 साल बाद फिर सरकार के खिलाफ बिगुल, लोकपाल और किसानों से जुड़ी हैं मांगें

नई दिल्ली.समाजसेवी अन्ना हजारे ने राजधानी के रामलीला मैदान में 7 साल बाद फिर अनशन शुरू कर दिया है। इस बार आंदोलन में जनलोकपाल के साथ देशभर के किसानों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। अन्ना ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि 2011 में अन्ना ने लोकपाल बिल की मांग को लेकर जंतरमंतर पर भूख हड़ताल की थी। इसके बाद रामलीला मैदान में बड़ा आंदोलन हुआ, जिसमें लाखों लोग जुटे थे।

अन्ना ने सरकार पर नाराजगी जताई
- अनशन से पहले अन्ना ने पुलिस और सरकार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आपके प्रदर्शन से दिल्ली में ट्रेन रोकी जा सकती हैं। आप लोगों को हिंसा के लिए उकसाना चाहते हैं। सरकार ने मेरे पीछे भी पुलिस लगाई है। मैंने उन्हें कई बार लिखा कि हमें पुलिस सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। आपकी सुरक्षा मुझे नहीं बचा सकती है। यह सरकार का मूर्खता भरा रवैया है।

किसानों के हक के लिए आंदोलन
- अन्ना इस बार के आंदोलन में किसान के मुद्दे उठा रहे हैं। किसानों की सुनिश्चित आय, पेंशन, खेती के विकास के लिए ठोस नीतियों समेत कई मांगें एजेंडे में शामिल हैं।
- पहले उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। देश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं। जिसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है।

आंदोलन से दूर रहेंगे राजनीतिक दल
- पिछली बार के आंदोलन से सबक लेते हुए इस बार अन्ना हजारे ने साफ कह दिया है कि इस बार राजनीतिक दल उनके इस आंदोलन में शामिल नहीं होंगे, लेकिन माना जा रहा है कि योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, शांति भूषण और कुमार विश्वास जैसे कुछ पुराने सहयोगी आंदोलन को समर्थन देने पहुंच सकते हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
- पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस की 6 अतिरिक्त कंपनी मंगाई गई हैं। ग्राउंड के अंदर और बाहर 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
- रामलीला मैदान के सभी एंट्री गेटों पर डोर फ्रेम्ड मेटल डिटेक्टर और हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की होगी।

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